किसी भी व्यक्ति
का किसी अन्य व्यक्ति से बात करने का तरीका और उसके हंसने का तरीका उस व्यक्ति के व्यक्तित्व को दर्शाता है।
समुद्रशास्त्र में इस बारे में काफी कुछ उल्लेख किया गया है।
आधुनिक युग में इस प्रक्रिया को वॉयस रीडिंग के नाम से भी जानते हैं।
1. ऊंची आवाज में बात करने वाले लोग, अपनी ओर दूसरों का ध्यान आकर्षित करना
चाहते हैं। ऐसे लोग हठी स्वभाव के होते हैं।
2. जिन लोग की मुस्कान शांत होती है वे अपने
मन की प्रसन्नता को व्यक्त करते हैं।
3. आपके सामने शब्दों में ही निंदा करने
वाले लोग सच्चे होते हैं। लेकिन इन्हें कोई पसंद नहीं करता।
4. घोड़े के समान हिनहिना कर हंसने वाले लोग
धूर्त, अहंकारी, कपटी हो सकते हैं।
5. तेजी से बोलने वाले लोग खुद ही नहीं समझ पाते कि उन्हें बोलना
क्या है। ऐसे लोग न तो बात छुपा कर रख पाते हैं और न ही
अपनी बात को स्पष्ट तरीके से प्रस्तुत कर पाते हैं।
6. जोर से के साथ ऊंचे स्वर में हंसने वाले
लोग स्वाभिमानी, विश्वासी, पुरुषार्थ प्रेमी एवं सफल व्यक्तित्व वाले होते हैं।
7. गंभीर और संतुलित स्वर व्यक्ति की ऊंची
सोच को दर्शाता है। ऐसे लोग परिवार के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं।
8. खिलखिलाकर हंसने वाले लोग सहनशील, उदार, सभी का अच्छा सोचने वाले, विचारवान तथा पढ़ाई-लिखाई में आगे होते हैं।
9. यदि किसी महिला की आवाज अधिक ऊंची है तो
उसमें अहंकार, अनुशान, नेतृत्व की क्षमता होती है।
10. रुक-रुक कर हंसने या एक ही विषय पर कुछ देर बाद तक हंसने वाले लोगों
की मानसिक शक्ति कमजोर होती है। प्राय: ऐसे लोग
बुद्धिहीन, अविवेकी प्रवृत्ति व मूर्ख होते हैं।
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